आत्मा नहीं मर जाए...
*आत्मा नहीं मर जाए...*
जिंदगी में अंधेरे की स्याही,
कभी कभी चिरागों के हौंसले,
और हिम्मत के घौंसले,
पस्त कर देती है,
लेकिन बिना इम्तिहान,
कहां बनती है खास पहचान,
अगर विश्वास न हो,
तो एक छोटा काम करो,
लगा कर सपनों के उड़ान में आग,
खुद को गुमनाम करो,
किसी को ठेंगा फर्क नहीं पड़ता,
तुम जियो चाहे मरो,
लेकिन इतिहास में एक बात खास है,
निरंतर प्रयास सफलता का राज है,
चंद कीड़े मकोड़े तुम्हें भटकाने आएंगे,
जिन्हें खुद का रास्ता पता नहीं,
वो भी रास्ता दिखाने आएंगे,
मगर ज्यादा तुम जज्बाती नहीं होना,
रखना संयम आपा नहीं खोना,
किसी का वक्त आता है,
तुम्हारा शायद दौड़ आयेगा,
आज हर पग पर कांटे बोने वाले,
कल तुम्हारे संघर्ष का गीत गायेगा,
मगर खुद को इतना ऊपर नहीं उठाना है,
कि खुद की नजरों में हम खुद गिर जाएं,
गिराने वाले को ऐसे भी बेमौत मरना है,
लेकिन उसकी खातिर हमारी आत्मा नहीं मर जाए,
✍🏻 *विपिन वियान हिंदुस्तानी*
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